बंद करना

    उपायुक्त

    उपायुक्त

    मीनाक्षी जैन


    उपायुक्त का संदेश
    केंद्रीय विद्यालय संगठन, क्षेत्रीय कायाालय, कोलकाता
    यह गहरी व़िम्मेदारी और उम्मीद की भािना है कक मैं इस विविटल पोटाल के माध्यम से आप सभी से िुड़ रही हूँ । भारतीय वशक्षा के क्षेत्र में केंद्रीय विद्यालय संगठन लंबे समय से शैक्षविक उत्कृष्टता और समग्र विकास के एक प्रकाश स्तंभ के रूप में स्थावपत रहा है । पविम बंगाल और वसकिम के सांस्कृवतक रूप से समृद्ध और भौगोवलक रूप से विविध क्षेत्रों में फैले हमारे इस िीिंत संभाग के अंतगात, 64 केंद्रीय विद्यालय भविष्य के नायकों को वनखारने के वलए अथक प्रयास कर रहे हैं ।
    वशक्षा कोई एकाकी साधना नहीं है; यह एक सामूवहक यात्रा है । िैसे िैसे हम 2121िीं सदी के बदलते तौर
    तरीकों के साथ आगे बढ़ रहे हैं, हमारी सफलता हमारे सामूवहक प्रयासों पर टटकी हुई है । मैं प्रत्येक वहतधारक हमारे समर्पात वशक्षकों, सहयोगी अवभभािकों और पटरश्रमी छात्रों का आह्िान करती हूँ कक िे एक साझा ऊिाा के साथ एकिुट हों । हमें वमलकर एक ऐसे िातािरि को बढ़ािा देना चावहए िहाूँ विज्ञासा को बढ़ािा वमले, चटरत्र का वनमााि हो और क्षमताओं को पूरी तरह से साकार ककया िा सके ।
    अपनी आगे की यात्रा को कदशा देने के वलए, हम अपने संस्थागत लक्ष्यों को चार महत्िपूिा स्तंभों पर केंकद्रत कर रहे हैं:

    एनईपी (NEP) 2020 का प्रभािी कायाान्ियन: अपनी दैवनक कक्षाओं में बहुभाषािाद, गवितीय सोच और 2121िीं सदी के कौशल को शावमल करके, हमारा क्षेत्र वशक्षि पद्धवत को रटने की प्रिाली से बदलकर योग्यता आधाटरत और अनुभिात्मक वशक्षि की ओर ले िाने के वलए पूरी तरह प्रवतबद्ध है ।

    निाचार के अग्रदूत पीएम श्री (PM SHRI) स्कूल: पीएम श्री केंद्रीय विद्यालयों को आदशा विद्यालयों के रूप में विकवसत ककया िा रहा है, िो एनईपी 2020 के पूरे पटरदृश्य को प्रदर्शात करते हैं । पयाािरि के अनुकूल पटरसरों, अत्याधुवनक स्माटा कक्षाओं और आधुवनक प्रयोगशालाओं के साथ,
    ये स्कूल क्षेत्र के संपूिा शैवक्षक पटरिेश का मागादशान करेंगे और इसे ऊपर उठाएंगे 。

    बुवनयादी ढांचे और शैक्षविक पुनरुत्थान: हम सभी 64 विद्यालयों में भौवतक और विविटल बुवनयादी ढांचे को वनरंतर अपग्रेि करने के वलए प्रवतबद्ध हैं । इसके समानांतर, हमारे संकाय (वशक्षकों) को उन्नत वशक्षि उपकरिों से सशक्त बनाने के वलए मिबूत सतत व्यािसावयक विकास कायाक्रम चलाए िा रहे हैं, ताकक हमारी शैक्षविक गुिित्ता अवितीय बनी रहे ।

    शैक्षविक और सह पाठ्यचयाा के मानकों को ऊंचा उठाना: अपने बोिा पटरिामों में मात्रात्मक और गुिात्मक सुधार हावसल करने के साथ साथ, हम यह देखने की आकांक्षा रखते हैं कक हमारे छात्र खेल,
    कला, विज्ञान प्रदशावनयों, युिा संसदों और अन्य गवतविवधयों में नई ऊंचाइयों को छुएं, तथा शैक्षविक कठोरता और सह पाठ्यचयाा की उत्कृष्टता के बीच एक आदशा संतुलन स्थावपत करें ।
    ”
    वशक्षा मनुष्य में पहले से मौिूद पूिाता की अवभव्यवक्त है।” इस दशान से प्रेटरत होकर, आइए हम अपने विद्यालयों को उद्देश्यपूिा वशक्षि और निाचार के पवित्र धामों में बदलने का संकल्प लें।

    जय हिंद ।

    मीनाक्षी जैन
    उपायुक्त
    के वि सं क्षेत्रीय कार्लयालय , कोलकाता